प्रभाकर जी का जन्म सनी सो 6 ईस्वी में सहारनपुर जिले के देव गोदन कस्बे में एक साधारण ब्राह्मण परिवार में हुआ था इनके पिता पंडित रामदरश मिश्र पुरोहित करते थेइनकी माता जी का स्वभाव बड़ा उग्र था इनकी शिक्षा नगर नहीं हुई जब एक खुर्जा के एक संस्कृत विद्यालय में पढ़ते थे तो प्रसिद्ध राष्ट्रीय नेता अशरफ अली के ओजस्वी भाषण को सुनकर परीक्षा छोड़ दी और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भाग लेने लगे 1930 ईस्वी से 1932 ईस्वी तक और 1942 में जेल में रहे 9 मई सन 1995 ईस्वी को इस महान साहित्यकार की मृत्यु हो साहित्यिक योगदान-प्रभाकर जी हिंदी के लघु कथा रेखाचित्र संस्मरण रिपोतार्ज एवं ललित निबंध लेखकों में अग्रगण्य हैं यह भारत की स्वतंत्रता की लालसा लेकर साहित्य क्षेत्र में "हुए उन्होंने अनेक नई विधाओं पर फुटकर रचनाएं की और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपूर्व सफलता प्राप्त की उन्होंने पत्रकारिता को स्वार्थ सिद्धि का साधन बना कर महान मानवीय मूल्यों की रचना की एक आदर्श पत्रकार के रूप में हिंदी जगत में प्रतिष्ठित हुए रचनाएं- रेखा चित्र-महक के आंगन चौकी द्वार, जिंदगी मुस्काई लघु कथा-आकाश के तारे, धरती क...
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